1853 ई. का चार्टर अधिनियम: इस अधिनियम की मुख्य विशेषताएं हैं -

1. भारत का शासन कम्पनी से लेकर ब्रिटिश क्राउन के हाथों में सौंपा गया |

2. भारत में मंत्रि-पद की व्यवस्था की गयी |

3. पंद्रह सदस्यों की भारत-परिषद का सृजन हुआ | (8 सदस्य ब्रिटिश सरकार द्वारा एवं 7 सदस्यकंपनी के निदेशक मंडल  द्वारा)

4. भारतीय मामलों पर ब्रिटिश संसद का सीधा नियंत्रण स्थापित किया गया |
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6. इस अधिनियम के द्वारा बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स तथा बोर्ड ऑफ़ कण्ट्रोल को समाप्त कर दिया गया |

7. भारत में शासन संचालन के लिए ब्रिटिश मंत्रीमंडल के एक सदस्य के रूप में  भारत के राज्य सचिव  (Secretary of State of India) की नियुक्ति की गई | वह अपने कार्यों के लिए ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी होता था |  भारत के प्रशासन पर इसका सम्पूर्ण नियंत्रण था | उसी का वाक्य अंतिम होता था चाहे वह नीति के विषय में हो या अन्य ब्योरे के विषय में |

8. भारत के गवर्नर जनरल का नाम बदलकर वायसराय कर दिया गया | अत: इस समय के गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग अंतिम गवर्नर जनरल एवं प्रथम वायसराय हुए |

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